दरअसल इंदौर में एक एटीएम में कैश भरने के लिए बैंक प्रबंधन कर्मचारियों को राशि दे रहा था। लेकिन इसमें से राशि चुराकर कम लोड की जा रही थी।
वहीं जब बैंक का इंटरनल ऑडिट हुआ तो जमा राशि और विड्रॉ राशि में अंतर आया। इसके बाद दो कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध मिली। इस पर अब पुलिस ने केस दर्ज किया है और कर्मचारियों से पूछताछ की तो इसका खुलासा हुआ।
इस तरह गायब किए 40 लाख
एडिशनल DCP, जोन-2 अमरेंद्र सिंह ने बताया कि लसूड़िया पुलिस स्टेशन के इलाके में ATM में कैश भरने के काम में कैश की कमी होने का एक धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।
एक इंटरनल ऑडिट से पता चला कि कैश मैनेजमेंट सिस्टम में लगभग 40 लाख रुपए कम थे। मामला दर्ज होने के बाद इसमें जो दो संदिग्ध कर्मचारी (देवेंद्र और दीपक) थे उन्होंने माना कि उन्होंने पिछले 6 महीनों में यह राशि चुराकर अपने पास रख ली थी।
इस राशि को गेमिंग में उड़ा दिया
पुलिस को कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें ऑनलाइन गेमिंग की लत लगी हुई थी। इसलिए उन्होंने अलग-अलग समय पर ATM में कैश न डालकर वो कैश अपने पास रख लिया।
कर्मचारियों ने कबूल किया कि वे यह पैसा अलग-अलग ऑनलाइन गेम में हार गए थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच कर रही है।
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