समझें क्या है पूरा मामला
- नागौर में पूर्व सरपंच के भाई की संदिग्ध मौत, परिजनों का मोर्चरी के बाहर धरना
- परिजनों का व्यापारिक रंजिश में हत्या का आरोप, पहले से चल रही थी साजिश
- मृतक ने मौत से पहले कहा था - मेरे पीछे पुलिस लगी है, मुझे बचाओ
- 4 थानों की पुलिस तैनात, 2 DSP मौके पर, परिजनों से समझाइश जारी
- सांसद हनुमान बेनीवाल ने मांगी उच्च स्तरीय जांच, पोस्टमॉर्टम से पहले कार्रवाई की मांग
नागौर जिले की पीह ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच और पूर्व छात्र नेता अमरचंद जाजड़ा के बड़े भाई देवकरण जाजड़ा (35) की रविवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
परिजन और ग्रामीण सोमवार सुबह से अजमेर के जेएलएन (Jawaharlal Nehru) अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठे हैं। उनकी मांग है कि हत्या का मुकदमा दर्ज हो और आरोपी गिरफ्तार हों, तभी पोस्टमॉर्टम कराएंगे और शव उठाएंगे।
तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए 2 डीएसपी (Deputy Superintendent of Police) सहित 4 थानों की पुलिस मौके पर तैनात है।
मुझे बचाओ, पुलिस पीछे है, चिल्लाते हुए भागते रहे
5 जुलाई रविवार को चाचियावास गांव के नदी क्षेत्र में देवकरण की लग्जरी कार कीचड़ में फंस गई थी। इसके बाद वे बदहवास हालत में खेतों की ओर भागने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वे लगातार चिल्लाते रहे कि उनके पीछे पुलिस लगी है और उन्हें बचाया जाए।
वे एक ग्रामीण के मकान में घुसे, पानी मांगा और बेहद घबराए हुए थे। इसके बाद झाड़ियों में छिपने की कोशिश की, अपने सिर पर खुद पत्थर भी मारे और कुछ देर बाद एक मकान की दीवार के पास अचेत होकर गिर पड़े। सूचना पर पहुंची पुलिस उन्हें अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
रविवार सुबह निकले, शाम को मौत की खबर
पूर्व सरपंच अमरचंद जाजड़ा ने बताया कि देवकरण रविवार सुबह करीब 11:30 बजे घर से निकले थे। शाम करीब 4:30 बजे गेगल थाना पुलिस का फोन आया कि देवकरण की तबीयत खराब होने पर उन्हें जेएलएन अस्पताल लाया गया है, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
परिजनों को जब वहां पहुंचकर देखा तो देवकरण की गाड़ी की चाबी, मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान गायब था।
भाई का आरोप, 5-6 महीने से रची जा रही थी साजिश
पूर्व सरपंच अमरचंद ने सीधे हत्या का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि पिछले पांच-छह महीनों से देवकरण की हत्या की साजिश रची जा रही थी।
इस संबंध में संदिग्ध लोगों के नाम पुलिस को दे दिए गए हैं और उन्हें तत्काल हिरासत में लेने की मांग की गई है। अमरचंद का कहना है कि यह मामला व्यापारिक रंजिश से जुड़ा हो सकता है।
सांसद बेनीवाल और विधायक ने मांगी जांच
मामले को लेकर नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने प्रथम दृष्टया इसे हत्या का मामला बताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। परबतसर विधायक रामनिवास गावड़िया ने भी घटना पर दुख जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
FSL साक्ष्य जुटा रही है पुलिस
एडिशनल एसपी (Additional Superintendent of Police) ग्रामीण डॉ. लालचंद कायल ने बताया कि परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम कराने की तैयारी की जा रही है।
एफएसएल (Forensic Science Laboratory) टीम ने घटनास्थल, कार और आसपास के इलाके से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस तलाश रही इन सवालों के जवाब
जांच एजेंसियां अभी पांच बड़े सवालों के जवाब ढूंढ रही हैं। पहला, देवकरण नदी क्षेत्र तक कैसे पहुंचे। दूसरा, उनकी कार कीचड़ में कैसे फंसी। तीसरा, वे किससे बचने की बात कह रहे थे। चौथा, मौत के पीछे हादसा है, मेडिकल कारण है या आपराधिक साजिश। पांचवां, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक सामान कहां गया।
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