समझें क्या है पूरा मामला
- करौली में पांचना बांध के 3 गेट खोले, 20 साल पुराना जल विवाद खत्म।
- मंत्री रावत और बेढम ने दबाया बटन, बांध से पानी की निकासी शुरू।
- साथ में 2 नई लिफ्ट परियोजनाओं का शिलान्यास, 61 लाख की लागत।
- कमांड एरिया के किसानों को मिली राहत, जल विवाद का समाधान।
- पांचना एशिया का सबसे बड़ा मिट्टी का बांध, 5 नदियों के संगम पर बना।
राजस्थान के करौली जिले में 20 साल पुराने पांचना बांध जल विवाद का सोमवार को समापन हुआ। जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने बटन दबाकर बांध के तीन गेट खोले।
एक साथ तीन क्षेत्रों में पानी की निकासी शुरू की गई। गंभीर नदी में पानी छोड़ा गया, नहरों में पानी बहाया गया और गुडला पांचना लिफ्ट में भी पानी छोड़ने की शुरुआत हुई।
इसके साथ ही 2 नई लिफ्ट परियोजनाओं और गुडला लिफ्ट परियोजना की पीडीएन (Pipeline Distribution Network) सिस्टम रिमॉडलिंग का शिलान्यास भी किया गया।
तीन क्षेत्रों में एक साथ पानी
मंत्रियों ने बटन दबाने के साथ ही पांचना बांध से एक साथ तीन रास्तों से पानी की निकासी शुरू हुई। पहला, बांध के 3 गेट खोलकर गंभीर नदी में पानी बहाया गया।
दूसरा, चाबी से गेट खोलकर नहरों में पानी छोड़ा गया ताकि कमांड एरिया के किसानों की सिंचाई हो सके।
तीसरा, गुडला पांचना लिफ्ट परियोजना में भी पानी की निकासी शुरू हुई।
20 साल पुराने विवाद का अंत
यह वही पांचना बांध है जिसके पानी के बंटवारे को लेकर कैचमेंट एरिया और कमांड एरिया के गांवों के बीच पिछले 20 साल से विवाद चल रहा था। कमांड एरिया के हजारों किसान पानी छोड़ने की मांग को लेकर लगातार आंदोलन और धरने दे रहे थे।
पिछले सप्ताह जयपुर में दोनों पक्षों के बीच मंत्रियों की मध्यस्थता में सहमति बनी थी और सोमवार को उस सहमति को जमीन पर उतारा गया।
61 लाख की 2 नई लिफ्ट परियोजनाओं का शिलान्यास
पानी निकासी के साथ-साथ दो नई लिफ्ट परियोजनाओं और गुडला लिफ्ट परियोजना की PDN सिस्टम रिमॉडलिंग का भी शिलान्यास किया गया। इन परियोजनाओं पर कुल 61 लाख रुपए की लागत आएगी।
देवनारायण मंदिर में हुआ समारोह
यह समारोह पहाड़ी गांव स्थित देवनारायण मंदिर परिसर में आयोजित किया गया। इसमें करौली विधायक दर्शन सिंह गुर्जर, ग्रामीण विकास सचिव कृष्ण कुणाल, संभागीय आयुक्त नलिनी कठौतिया, आईजी कैलाश बिश्नोई मौजूद रहे।
साथ ही कलेक्टर अक्षय गोदारा, एसपी लोकेश सोनवाल, पांचना गुडला संघर्ष समिति के अध्यक्ष अशोक धाबाई, जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता भुवन भास्कर और भाजपा जिलाध्यक्ष गोवर्धन सिंह सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
पांचना बांध
पांचना बांध करौली जिला मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर गुडला गांव के पास स्थित है। 1978-79 में इसका निर्माण शुरू हुआ और 2005 में यह बनकर तैयार हुआ।
125 करोड़ रुपए की लागत से बना यह मिट्टी से निर्मित राजस्थान का सबसे बड़ा बांध है। इसकी भराव क्षमता 258.62 मीटर, लंबाई 1040 मीटर और इसमें 7 गेट हैं।
भद्रावती, बरखेड़ा, अटा, माची और मैंसावर पांच नदियों के संगम पर होने के कारण इसका नाम पांचना पड़ा। अमेरिका के आर्थिक और तकनीकी सहयोग से इसे बनाया गया था।
बांध का उद्देश्य
पांचना बांध सवाई माधोपुर और करौली इलाकों में जल संकट दूर करने और फसलों की सिंचाई के साथ-साथ 35 गांवों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया था।
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