💡 GoCMS Explorer Guide: This homepage uses dynamic server-side rendering for optimal speed. Open any article to view inline newsletter inserts, floating WhatsApp/Telegram floats, and click the ⚡ AMP version at the top! Your page load speed and reading duration are currently tracked under dashboard analytics.
ऑप्शन की तारीख बढ़ाने की मांग, फेडरेशन ने GAD को लिखा पत्र

ऑप्शन की तारीख बढ़ाने की मांग, फेडरेशन ने GAD को लिखा पत्र

86

VINAY VERMA

Published Jul 06, 2026 at 16:13

क्रमोन्नति योजना को समयमान वेतनमान में समाहित करने की प्रक्रिया के बीच सरकारी…

क्रमोन्नति योजना को समयमान वेतनमान में समाहित करने की प्रक्रिया के बीच सरकारी कर्मचारी असमंजस में हैं। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने GAD से विकल्प चयन की अंतिम तिथि 9 जुलाई से बढ़ाकर 31 जुलाई करने की मांग की है।

डेडलाइन बनी परेशानी

छत्तीसगढ़ में क्रमोन्नति और समयमान वेतनमान का मामला नया विवाद बन गया है। कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) को ज्ञापन भेजा है। इसमें विकल्प चयन की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग की गई है। फेडरेशन का कहना है कि कर्मचारी जल्दबाजी में फैसला नहीं लेना चाहते। मौजूदा व्यवस्था कई सवाल खड़े कर रही है। ऐसे में अतिरिक्त समय देना जरूरी है। इससे कर्मचारी सही विकल्प चुन सकेंगे।

9 जुलाई तक देना है विकल्प

सामान्य प्रशासन विभाग ने 9 जून 2026 को आदेश जारी किया था। इसके तहत कर्मचारियों को 9 जुलाई तक ऑप्शन देना है। उन्हें तय करना है कि वे पुरानी क्रमोन्नति योजना में रहेंगे या समयमान वेतनमान अपनाएंगे। लेकिन दोनों व्यवस्थाओं के नियम अलग हैं। कर्मचारियों का कहना है कि बिना पूरा आकलन किए फैसला लेना नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए वे समय बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

क्रमोन्नति और समयमान में अंतर

क्रमोन्नति का नियम पुराने सरकारी कर्मचारियों पर अधिक लागू होता है, जहाँ पदोन्नति का समय पूरा होने लेकिन पद खाली न होने पर दी जाती है। जबकि समयमान-वेतनमान एक निश्चित समयांतराल (10-20-30 वर्ष) में पद की उपलब्धता की चिंता किए बिना उच्च वेतन का आश्वासन देता है। सरकारी सेवाओं (जैसे कि विभिन्न राज्यों के शिक्षा या अन्य विभागों) में नियमों के अनुसार कर्मचारियों को इन दोनों में से एक का विकल्प चुनने की सुविधा भी दी जाती है।

अलग नियम, बढ़ा असमंजस

फेडरेशन ने बताया कि क्रमोन्नति योजना में 12 और 24 वर्ष की सेवा पर लाभ मिलता है। जबकि समयमान वेतनमान 10, 20 और 30 वर्ष की सेवा पर आधारित है। हर विभाग की कैडर संरचना भी अलग है। पदक्रम और वेतनमान में भी अंतर है। ऐसे में हर कर्मचारी का मामला अलग बन जाता है। एक ही नियम सभी पर लागू नहीं हो सकता। यही कारण है कि कर्मचारी सही विकल्प तय नहीं कर पा रहे हैं।

अधिकारी भी स्पष्ट नहीं

फेडरेशन का दावा है कि कई विभागों के अधिकारी भी कर्मचारियों को स्पष्ट सलाह नहीं दे पा रहे हैं। अलग-अलग कार्यालयों में अलग-अलग जानकारी मिल रही है। इससे भ्रम और बढ़ रहा है। कर्मचारियों को आशंका है कि गलत विकल्प चुनने से भविष्य के वेतन, पदोन्नति और सेवा लाभ प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए वे पहले सभी पहलुओं का अध्ययन करना चाहते हैं। फेडरेशन का कहना है कि सरकार को इस स्थिति को गंभीरता से देखना चाहिए।

31 जुलाई तक समय देने की मांग

प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने पत्र में मांग की है कि विकल्प चयन की अंतिम तिथि 9 जुलाई से बढ़ाकर 31 जुलाई की जाए। फेडरेशन का दावा है कि वह प्रदेश के 134 मान्यता प्राप्त और गैर-मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठनों का प्रतिनिधित्व करता है। अब कर्मचारियों की निगाह सरकार के फैसले पर है। यदि समय बढ़ता है तो हजारों कर्मचारियों को राहत मिलेगी। नहीं बढ़ा तो कई कर्मचारियों को जल्दबाजी में निर्णय लेना पड़ सकता है।

ये खबरें भी पढ़ें...

छत्तीसगढ़ में अनियमित कर्मचारियों की योजना बंद, फेडरेशन ने खोला मोर्चा

सामान्य प्रशासन विभाग के वेतन नियमों में बदलाव, क्रमोन्नति योजना अब होगी बंद

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: 1188 शिक्षकों को झटका, क्रमोन्नति की मांग वाली याचिकाएं खारिज, जानें वजह

एमपी के डेढ़ लाख शिक्षकों को बड़ी राहत, मिलेगा चतुर्थ क्रमोन्नति का लाभ, आदेश जारी

86

VINAY VERMA

Imported from RSS feed.

Comments (0)

No comments yet. Be the first to share your thoughts.

Leave a Comment

Comments are reviewed before they appear publicly.